11.17.06
अथ सुकेश-लालू गाथा
लो दादा, ख़बरिया ताज़ा ख़बर लेकर फिर हाज़िर है। हमारे हरिराम नाई वीडियोकॉन टॉवर से लेकर फ़िल्मसिटी सब तरफ़ फैले हुए हैं। फ़िल्मसिटी के आख़िरी कोने में मौजूद बैरक नंबर आई बी एन सेवन के हरिराम ने आज सुबह ख़बर दी तो हम चौंक गए। हरिराम बता रहा था रामविलास पासवान की तो लग गई वॉट। ख़बर देखकर तो लगता है कि लोहा मंतरी पासवान को आने वाले दिनों में सचमुच में लोहे के चने चबाने पड़ेगे। यह चने उन्हें उनके राजनीतिक दुश्मन और पीएम बनने की लालसा ज़ाहिर कर चुके लालू प्रसाद यादव दे चुके हैं। आई बी एन पर सुबह से चल रहे समाचार के मुताबिक़ पासवान ने अपने राजनीतिक रसूख से बेटे को मोबाइल सेट दिलाया, मोबाइल बिल चुकाया, घर तक डीज़ल भी मंगवाया और निजी रखवालों का बिल भी स्टील अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया को थमा दिया। उधर, सी एन एन-आई बी एन पर ख़बर चल रही थी और इधर लालू मन ही मन ख़ुश हो रहे थे। पासवान को पसीने छूट गए। लो हो गई फ़ज़ीहत लोहा मंतरी की। रंगे हाथ और किसे कहेंगे जब कि सेल वालों के हस्ताक्षर वाले दस्तावेज ख़बर में दिखाए जा रहे थे। आईबीएन का हफ़्तेभर के भीतर यह दूसरा पंगा है। इससे पहले मुलायम के सिपहसालार अमर सिंह से चैनल दुश्मनी ठान चुका है। अब आप बोलोगे कि डिटेल में बताओ।
लो, डिटेल में ख़बर है कि एक दिन पहले ख़बरिया मुलायम सिंह की प्रेस कॉफ़्रेंस कवर करने दिल्ली के कई चैनलवालों के साथ गया था। मुलायम का इंतज़ार करते करते आधा घंटा हो गया। बड़ी देर बाद हलचल हुई तो पीछे देखा, अमर सिंह पधार रहे हैं। इससे पहले कि उन्होंनें माफ़ी मांगना शुरु किया आई बी एन वाला पिल पड़ा। आज तक का रोहित (पूरा नाम पता कर लो) भी नेतागिरी में उतर गया। देखते देखते दोनों अमर सिंह से भिड़ गए। अमर सिंह भी बमक गए और आईबीएन वाले को कहा माइक उठाकर ले जाओ। बड़े चैनल वाले तो कॉफ्रेंस का बायकॉट कर निकल गए लेकिन मजबूरी में सहारा वाला डटा रहा। इंडिया टीवी वाले को बॉस का फ़ोन आया कि ख़बरदार हटना मत, डटे रहो। बाकी़ छुटे-पिट्टे चैनलवालों के साथ प्रेस कॉफ़्रेंस शुरू हो गई।
इधर, पासवान के बारे में समाचार आपने देखा होगा। ख़बरिया से पूछोगे कि इसमें एक्सक्लूज़िव कहां है। हरिराम ने क्या बताया? तो भैयू, ख़बर तो मिली ही लालू जी के सौजन्य से हैं। दरअसल, बात यह है कि आई बी एन का रिपोर्टर सुकेश रंजन बड़ा मुंहबोला है मियां लालू यादव का। लालू के (edited word) से दबा सुकेश गाहे-बगाहे लालू महिमागान में रमा रहता है। यह ख़बर और दस्तावेज लालू के कहने पर स्टील अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया के एक बिहार कैडर के आई ए एस अफ़सर ने मुहैया कराए थे। ये दस्तावेज लालू के दिल्ली निवास पर ही सुकेश और उक्त अधिकारी के बीच सरकाए गए। चलो, इससे क्या? पासवान जी ने कोई ग़लती कर ही दी तो सज़ा भी होगी या नहीं? ये तो सोनिया जी बताएंगी। वैसे सोनिया जी भी इन दिनों लालू यादव से सजग हैं। जहां – जहां आरजेडी घुस जाती है वहां से कॉग्रेस निपट जो रही है। इसलिए मैडम ने तो सोच ही लिया है कि आगे से लालू को कंधे पर हाथ रखने ही नहीं देना है। उधर, आई बी एन की रणनीति का खुलासा करते हुए हमारे हरिराम ने बताया है कि हिन्दी पट्टी के जो ग़ैर-कॉग्रेसी नेता सरकार में मंत्री बने हैं – सिर्फ़ उन्हीं पर निशाना साधने का (edited word) कॉग्रेस अदा करेगी। बाक़ी किसी की ज़िम्मेदारी आई बी एन को नहीं सौंपी गई है। दो महीने पहले लालू को निपटाने की मुहिम इंग्लिश चैनल ने शुरू की थी, इस बार पासवान पर पिल पड़े। सुना तो यह भी था कि नटवर को निपटाने के लिए सिब्बल डायरेक्टली आई बी एन के एडीटोरियल ग्रुप में (edited word) हो गए थे। तभई, सेवन रेसकोर्स पहुंचने के पहले पूरी रिपोर्ट राज –(edited) अंकल के पास एक मैडम लेकर आ जाती थीं। अब आप लोग मैडम का नाम पूछेंगे जो हम नारी गरिमा की शर्तों पर अटूट आस्था रखते हुए आपको नहीं बताने वाले। वैसे भी आप लोग हमेशा कुछ न कुछ पूछते ही रहते हैं, सौ झूठ हमसे बुलवाते हो मियां। हमऊं सब समझते हैं। जाओ मियां, अपना काम करो……
संजय बेंगाणी said,
November 18, 2006 at 4:21 am
यह पेज थ्री का मसाला है, चिट्ठा जगत के लिए. कहने का सबको अधिकार है, लगे रहें.
bhuvnesh said,
November 18, 2006 at 4:50 am
भैया अपना नाम बदल लो
चुगलिया या डरपोकिया ठीक रहेगा
ये पीठ पीछे बकवास करने की आदत ठीक नहीं यदि पत्रकारिता का ज्यादा शौक है तो नौकरी काहे कर रहे हो ऐसे लोगों के यहां
SHUAIB said,
November 18, 2006 at 8:25 am
पहले ये बताओ जनाब कि आप इतने दिन थे कहां ??
पल पल की खबर देने के लिए शुक्रिया – वैसे ये राजनीतिक खेल मेरी समझ से बाहर हैं
Prabhakar Pandey said,
November 18, 2006 at 10:13 am
अथ सुकेश-लालू गाथा——-अच्छी खबरें लाएँ हैं आप ।