12.11.06
बुरा जो देखन मैं चला
ये लो कल्लो बात!! हम सोच रहे थे कि इस हफ़्ते आप को अख़बार जगत की अंदरूनी ख़बरें बताएंगे लेकिन अख़बार वालों से ही चैनल वालों के बारे में कुछ ख़तरनाक टाइप का मामला पता चल गया। ख़बर पर तुरंत भरोसा हो गया क्योंकि चैनलवालों के अंदरखाने में ऐसी ख़बरें हमेशा तैरती रहती हैं। कोने-कोने में छिपे हैं केसानोवा. पॉवर, पैसा और पाप का सीधा नाता है। ख़बरिया किसी को नैतिकता का पाठ क्या पढ़ाए लेकिन जब मीडिया वाले दर्शकों के सामने भ्रष्ट नेताओं और बेइमानों को नैतिकता और ईमानदारी का पाठ पढ़ाते हैं तब वे भूल जाते हैं कि किसी के ऊपर उंगली उठाने के दौरान तीन उंगली उन पर भी उठती है।
याद कीजिये जब शक्ति कपूर को अपने स्टिंग ऑपरेशन में इंडिया टीवी ने बेआबरू किया था। जब अमन वर्मा को भी इसी कास्टिंग काउच के झमेले में फांसने की असफल कोशिश की गई थी। तब सारा देश बॉलीवुड के इस घिनौने सच से रूबरू हुआ था और गुमनामी के अंधेरे में डूबा इंडिया टीवी न्यूज़ चैनल एकाएक लाइमलाइट में आ गया। चैनल ने पूरी ताक़त झोंककर यह साबित करने की कोशिश की थी कि फ़िल्मी परदे पर चमकती रुपहली दुनिया का काला सच देखकर जनता को असलियत का अंदाज़ा हो जाएगा। लोगों पर पता नहीं कि क्या असर हुआ लेकिन जिसने देखा उसने मज़े लिए।
अब चैनल के एक रिपोर्टर पर बलात्कार का इल्ज़ाम लगा है। देश के तमाम अख़बारों ने इस ख़बर को प्रकाशित कर दिया है। लेकिन कुनबे की इज़्ज़त सरेआम नीलाम ना हो इसलिए चैनल का नाम दबा दिया। कोई नेता होता या आम आदमी होता तो आरोपी का तो छोड़िये उसके पूरे घर परिवार और दोस्त यारों को लपेटे में लेते। माइक मुंह में घुसेड़ घुसेड़कर बाइट के लिए उछलते-कूदते रहते।
ख़बरिया इन ख़बरों को छापने के लिए बदनाम है जो मीडिया वालों को पसंद नहीं आती। कोई अपनी गिरेबान में झांकता नहीं और आईना दिखा दो तो समझो सात जनम माफ़ न करने वाला गुनाह कर डाला हो।
एनडीटीवी और इंडिया टीवी में वूमेनाइज़र की ख़बरें पिछले दिनों टीवीपत्रकार ब्लॉगस्पॉट ने छापी तो उस बेचारे को लोगों ने टारगेट में डाल दिया। वो अपनी लंगोटी बचाकर जैसे-तैसे भागा। मीडिया में ये बीमारी अब जड़ तक फैल चुकी है। पहले बॉलीवुड इस कास्टिंग काउच के लिए बदनाम था। आज मीडिया में यह बुराई घर कर चुकी है। ख़बरिया को नैतिकता का पाठ किसी को पढ़ाना नहीं है लेकिन चैनल वाले दूसरों को लपेटे में ले लेकर नैतिकता का पाठ पढ़ाएं और सीना ठोककर ईमानदारी का प्रवचन हमको पिलाएं ये तो बर्दाश्त होने से रहा।
चलो अब ख़बर सुनो। थाने में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार इंडिया टीवी के रिपोर्टर जगदीप सिंह ने ज़ी टीवी की एक रिपोर्टर शुभा (बदला हुआ नाम) का बलात्कार किया। रिपोर्टर शुभा ने थाने में रिपोर्ट दर्ज करायी और जगदीप सिंह को ग़िरफ़्तार कर लिया गया है। उसे रविवार रात चौदह दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया है। कैसा ज़माना आ गया है, इंडिया टीवी का रिपोर्टर जगदीप सिंह तिहाड़ जेल ले जाया जा रहा है और सोमवार को इंडिया टीवी पर जिगोलो की स्टोरी का ऐलान किया जा रहा है। यहां भी नैतिकता का पाठ पढ़ाने की कोशिश!!
किसी ने कहा है कि बैलगाड़ी के नीचे चलने वाले कुत्ते को अकसर यह गुमान हो जाता है कि सारा बोझ उसी के कंधों पर है। चैनल वालों को भी यह गुमान हो गया है कि सारी ईमानदारी और नैतिकता का ठेका उन्हीं के कंधौं पर है। सच यह है कि हमाम में सब नंगे हैं। पढ़ लो और जाग जाओ दर्शकों।
“जब किसी को कोई गिला रखना… सामने अपने आईना रखना”