07.29.07
ख़बरिया आपकी खिदमत में
सबसे पहले सुधी पाठकों से माफ़ी.. मित्र और मित्राणियों, असम में लगी ड्यूटी की वजह से ये ख़बरिया दिल्ली की ख़बरों से दूर रहा। पिछले कई महीनों से हिन्दीभाषियों का विरोध और उल्फ़ा की कारगुज़ारियों का गवाह बना ये ख़बरिया… दिल्ली मीडिया में क्या कुछ घट रहा था ये सिर्फ़ फ़ोन और चैट के ज़रिए ही पता कर सकते थे। मेरे हिन्दी चिट्ठाकारों को मीडिया की ख़ास ख़बरें नहीं मिल सकी जिसका मुझे खेद है।
मीडिया-विमर्श और फोकटन गरियाने वाले लेख कुछेक लोग छाप रहे हैं पर वे सभी बौद्धिक बवासीर की कभी ना ख़त्म होने वाली खुजल ज़्यादा है। इसके उलट ख़बरिया मीडिया की असल और अंदर तक की ख़बर अपने पाठकों को देता है। आपको तो पता है कि ख़बरिया ख़बर देने के अलावा संकलन का काम भी करता है, इसलिए पिछले दिनों कुछ पाठकों और चैनलों- अख़बारों में काम करने वालों ने हमसे संपर्क भी किया है। आप भी khabariya@gmail.com पर अपनी ख़बर दे सकते हैं।
अब वापस ख़बरिया काम पर आया है। सभी पाठकों का सहयोग पूर्ववत रहेगा.. इसी उम्मीद के साथ आज क़लम को विराम देता हूं और जल्द से जल्द नयी पोस्ट आपके सामने पेश करूंगा।