08.21.07
‘भूचुनौना’ का इंडिया टीवी
बदले भारत की तस्वीर – यही घोषवाक्य है इंडिया टीवी का। चैनल भारत की तस्वीर नहीं बल्कि ख़बरिया चैनलों का ट्रेंड बदल चुका है। रजत शर्मा इस चैनल को 2004 के आम चुनाव के पहले यह सोचकर लाए थे कि देश को फ़ील गुड होगा, बीजेपी को फ़ील गुड होगा तो उनके चैनल को भी फ़ील गुड हो जाएगा। होम करते ही हाथ जले और चैनल खुलते ही मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा। मेनका गांधी और तहलका के तरुण तेजपाल ने साथ छोड़ा। बीबीसी के सतीश जैकब भी कुछ ही दिनों में किनारे हो गए। तरुण ने वहा से अलग होकर साप्ताहिक ‘तहलका’ छापना शुरू किया। तरुण फर्जी तौर पर राहुल गांधी का इंटरव्यू छाप चुके हैं जिसके लिए उन्हें माफ़ी मांगनी पड़ी थी। तरुण के पेपर तहलका के सारे स्टिंग ऑपरेशन ग़ैरकॉग्रेसियों पर होते हैं। अब क्यों होते हैं- ये पूछने की दरकार है क्या?

इसके ठीक उलट इंडिया टीवी है। शुरू के कुछ महीनों तक चैनल नरेन्दर मोदी की आवाज़ माना जाता रहा। फिर चैनल ने पॉलीटिकल ख़बरो को किनारे कर दिया क्योंकि गुजरात के चुनावों में अभी टाइम है।
चैनल लोगों की नज़रों में तब आया जब शक्ति कपूर पर स्टिंग ऑपरेशन किया। इसके बाद सेक्स स्कैंडल वगैरह भी जमकर दिखाए और चैनल खबरिया कम नौटंकी ज्यादा लगने लगा। अब इस चैनल को तांत्रिक टीवी पुकारा जाने लगा है। दरअसल, चैनल की टीआरपी को उठाने में शनिदेव और नागदेव का योगदान है।खबरिया को पता चला है कि चैनल में बाक़ायदा शनिदेव और नागदेव की पूजा की जाती है। हाल ही में नागपंचमी सभी कर्मियों ने धूमधाम से मनाया। इंडिया टीवी की टीआरपी उछाल ने पूरे ब्रॉडकास्ट मीडिया को भूचुनौना का नया फ़ॉर्म्यूला दिया है। आइए इसे समझते हैं-
भू- भूत-प्रेत
चु- चुड़ैल (एमएच-वन न्यूज़ चैनल के क्राइम शो की एंकर नहीं)
नौ- नौटंकी (घरेलू झगड़ों का ‘लाइव’ नेशनल समाधान)
ना- नागवंशियों के नृत्य
इसके अलावा चैनल की मास्टरी सेक्स मसाले में भी है। राखी सावंत और शर्लिन चोपड़ा जैसी देहदर्शनाएं इसी चैनल की देन हैं। राखी को इंडिया टीवी का ब्रांड एम्बेस्डर माना जाता है। इसी तरह बाबा रामदेव का ग्राफ़ उठाने में भी चैनल का योगदान रहा है। रजत शर्मा को हिन्दी ख़बरिया चैनलों का पॉयोनियर माना जाता है। ज़ी टीवी पर उन्होंने ही शुरूआत की थी। अब ब्रॉडकास्ट मीडिया में नयी तिकड़में भी उन्हीं की इजाद हैं।
चैनल में काम कर रहे दर्ज़नभर रिपोर्टर लाइव इंडिया (जनमत) ज्वाइन कर चुके हैं। पूछे जाने पर खबरिया को बताया गया कि स्टूडियो में घूम रहे नाग-नागिनों की वजह से ऐसा हो रहा है। अब खबरिया यह पता लगाने में जुटा है कि ऐसे कौन से नाग-नागिन हैं जो रिपोर्टरों से ज़्यादा ज़हरीले हो चुके हैं, जिनके स्टिंग ने इनको आउट कर दिया।
चैनल का फ़्लैगशिप शो ‘आपकी अदालत’ है। जिसके बारे में कहा जाता है कि यहां बड़े-बड़े से बड़ा अपराधी आए तो बाइज़्ज़त बरी कर दिया जाता है। संजू बाबा अगर यहां आ जाते तो बरी हो गए होते।