09.18.07

ख़बरदार या झंडाबरदार

Posted in एनडीटीवी, टीवी चैनल वाले at 1:13 pm by khabariya

क्या कहे भई… पिछली बार जब विनोद दुआ का जिकर हुआ था तो लोगों को बुरा लगा कि ऐसी महान विभूति के लिए इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल मानसिक दिवालियापन है। हम भी सोचे यार कि गलती हो गई। किसी दिन सामना हो गया तो हम ही झेंप जाएंगे कि ऐसा हमने क्यों किया। अब जो हुआ सो हुआ। हो सकता है कि ऊपरवाला ही हमरे मुंह से उनके लिए उल्टा-सीधा बुलवाना चाह रहा हो। जो होता है अच्छा होता है। हम मिलकर माफी मांग लेंगे। खामाखां बीच में कोई गुरू-घंटाली दिखाने की कुचेष्टा ना करे तो ही अच्छा। नौकरी थोड़ी छीन लेंगे। बड़े लोग छोटी बातों का बुरा नहीं माना करते।

अपनी खबर नहीं है इस बार.. इस बार दुआ साहब की एक बात लेकर हम आ गए हैं। हुआ यों कि कल विनोद दुआ जी ने खबरदार में कहा कि करुणानिधि के बयान पर बीजेपी वाले कुछ नहीं बोले। और इस पर पोल भी चला लिया। आपको तो पता है पोल का तीसरा विकल्प दुआ साहब के मन का होता है। जिसे प्रोग्राम के अंत में सबसे ज्यादा वोट मिल जाते हैं और हो जाता है फैसला राष्ट्रीय नाड़ी का। नाड़ी धड़क रही है दुआ साहब की नाड़ी के साथ.. कदमताल मिलाते हुए।

भई, हमने माना कि बीजेपी वाले निरा मूर्ख है। खुरापाती हैं। राम के नाम पर देश की धर्मनिरपेक्षता की लुटिया डुबाने का मंसूबा पाले हुए हैं लेकिन भैये खबरदार तैयार करते समय ये तो देख लिया करो कि पीटीआई यूएनआई आईएएनएस वगैरह वगैरह क्या कह रहे हैं। हुआ यह कि करुणानिधि ने बयान दिया.. कुछ लोग कहते हैं कि 17 लाख साल पहले एक व्यक्ति हुआ जिसका नाम राम था। उनके द्वारा निर्मित सेतु को नहीं छुएं, कौन हैं यह राम, किस इंजीनियरिंग कालेज से उन्होंने पढ़ाई की, क्या इसका कोई सबूत है? कुछ भेड़िए द्रविड़ आंदोलन को खत्म करना चाहते हैं।

कल जब अन्नादुरै की 99वे जन्मदिवस समारोह वाला यह बयान आया। उसके कुछ ही घंटों में बीजेपी की तरफ़ से बयान आ चुका था। प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद और मुरली मनोहर के बयान रात तक पीटीआई पर भी आ चुके थे। अरे भई.. इतनी जल्दी क्या थी दुआ साहब को।
vinod dua
दुआ साहब ही क्या एनडीटीवी वालों की आदत है कि वे बीजेपी के साथ छुआछूत का व्यवहार करते रहते हैं। भई सीधा उसूल अपनाओ.. रिपोर्ट निष्पक्षता से लिखो… संपादकीय में अपना ज्ञान बखारो। यह संतुलन साधा करो- खबरिया छोटा मुंह बड़ी बात क्या कहे। मान भी लें कि उस वक्त बीजेपी का बयान नहीं आया था..तो भी फुनवा घुमा लेते और ले लेते बयान। कभी कभी तो लगता है कि ग़ैरबीजेपीवाद के झंडाबरदार बन जाते हैं खबरदार वाले। आदत सुधारो दद्दा इस कदर दुश्मनी ठीक नही लगती। या हमहुं साहिर का शेर मारे.. पीकर?

1 Comment »

  1. deepanjali said,

    आपका ब्लोग बहुत अच्छा लगा.
    ऎसेही लिखेते रहिये.
    क्यों न आप अपना ब्लोग ब्लोगअड्डा में शामिल कर के अपने विचार ऒंर लोगों तक पहुंचाते.
    जो हमे अच्छा लगे.
    वो सबको पता चले.
    ऎसा छोटासा प्रयास है.
    हमारे इस प्रयास में.
    आप भी शामिल हो जाइयॆ.
    एक बार ब्लोग अड्डा में आके देखिये.


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